107 MAUN

  • 107:1

    क्या तुमने उसे देखा जो दीन को झुठलाता है?

  • 107:2

    वही तो है जो अनाथ को धक्के देता है,

  • 107:3

    और मुहताज के खिलाने पर नहीं उकसाता

  • 107:4

    अतः तबाही है उन नमाज़ियों के लिए,

  • 107:5

    जो अपनी नमाज़ से ग़ाफिल (असावधान) हैं,

  • 107:6

    जो दिखावे के लिए कार्य करते हैं,

  • 107:7

    और साधारण बरतने की चीज़ भी किसी को नहीं देते

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