113 FELAK

  • 113:1

    कहो, "मैं शरण लेता हूँ, प्रकट करनेवाले रब की,

  • 113:2

    जो कुछ भी उसने पैदा किया उसकी बुराई से,

  • 113:3

    और अँधेरे की बुराई से जबकि वह घुस आए,

  • 113:4

    और गाँठो में फूँक मारने-वालों की बुराई से,

  • 113:5

    और ईर्ष्यालु की बुराई से, जब वह ईर्ष्या करे।"

Paylaş
Tweet'le